Author Archives: writeraradhanasingh
writer poet by soul,words of soul
तुम्हारा नाम लिख
डाला था मैंने बादल के
छोटे छोटे टुकड़ों पर
और जानते हो फ़िर बारिश हुयी
बारिश कि हर एक बूंद पर तुम्हारा ही नाम लिखा था
और वो बूंदे सींच रही थी
मेरे तन को मेरे मन को और मेरी आत्मा को
मेरे एकांत में भी तुम्हारा प्रेम मेरे कलेजे के द्वार खटखटा ही देता है
अगर मैं इज़ाज़त ना भी दू तो मेरे सिरहाने आके बैठ ही जाता है
क्यों पढ़ लिया है तुमने मुझे किसी किताब की तरह क्या कंठस्थ करने को और कुछ नही था तुम्हारे पास?
आराधना____
सजदा तुम्हारे नाम का करती
हूं बस तुम पर ही मरती हूं
दिल तोड़ के क्या मिलेगा तुम्हे
मैं दिल में तुम्हे ही रखती हूं
@aradhanaspoetryhut
ख्वाबो के घोसले
मेरे ख्वाबो के घोसले जीर्ण-शीर्ण ना हो
इस लिए मैने तुम्हारे साथ बीते हुए लम्हों के तिनको की
यादो से उन्हें सुरक्षित रखा है
कोई क्षति ना होने पाए उन खवाबों को इसका पूरा ध्यान रखती हूँ।